संकल्प संवाद
संकल्प पत्र तय करने से पहले मतदाता से पूछने वाला वॉइस एजेंट। हर संवाद से एक संरचित प्रोफ़ाइल बनती है — क्षेत्र, मुद्दा, प्राथमिक संकल्प बिंदु और रुझान — और जो मतदाता अभी अनिर्णीत हैं, वे अलग से चिह्नित होते हैं।
वाक्-पहचान, भाषा-मॉडल और आवाज़ — तीनों भारतीय Indic स्टैक पर, हिंदी के लिए बना।
बोलिए — संकल्प पत्र में आपकी बात दर्ज होगी
“बातचीत शुरू कीजिए” दबाइए — एजेंट खुद बोलकर शुरू करेगी और फिर माइक अपने आप खुल जाएगा। वह क्षेत्र की दिक्कत सुनती है, विचाराधीन संकल्प बिंदु पढ़कर आपकी प्राथमिकता पूछती है, और रुझान एक ही बार पूछती है — मना करना भी पूरा जवाब है।
नीचे दबाइए — एजेंट बोलकर शुरू करेगी
- नमस्कार जी, मैं संकल्प संवाद हूँ, एक ए.आई. आवाज़ सहायक, कोई व्यक्ति या कार्यकर्ता नहीं। उत्तर प्रदेश के आने वाले संकल्प पत्र के लिए लोगों की राय ली जा रही है, तो मैं आपसे यह जानना चाहती हूँ कि आपके इलाके की सबसे बड़ी दिक्कत क्या है और आपके परिवार के लिए सबसे ज़रूरी क्या है। बस दो मिनट लगेंगे, बात कर सकेंगे?
वाक्-पहचान, भाषा-मॉडल और आवाज़ — तीनों भारतीय Indic स्टैक पर। एजेंट पहली ही पंक्ति में बताता है कि वह ए.आई. है; भागीदारी स्वैच्छिक है, मतदान गुप्त है, और किसी लाभ या वादे का प्रलोभन नहीं दिया जाता।
हर संवाद से क्या निकलता है
रुझान — एक ही बार पूछा जाता है
समर्थक · झुकाव-समर्थक · अनिर्णीत · झुकाव-विपक्ष · विपक्ष · बताना नहीं चाहा। बीच के तीन — यही वह मतदाता हैं जो अभी हिल सकते हैं, और यही इस सर्वे का असली उत्पाद है। संदेह हो तो एजेंट हमेशा अधिक अनिर्णीत श्रेणी चुनता है।
किस संकल्प बिंदु को पहला स्थान
एजेंट दो-तीन विचाराधीन बिंदु पढ़ता है — रोज़गार, किसान, महिला सुरक्षा, बिजली-सड़क-पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, गरीब कल्याण — और पूछता है कि परिवार के लिए सबसे ज़रूरी क्या है, और उसमें क्या छूट रहा है।
क्षेत्र की दिक्कत, मतदाता के अपने शब्दों में
पहले समस्या सुनी जाती है, फिर उससे जुड़े संकल्प बिंदु पढ़े जाते हैं। बूथ/विधानसभा के साथ जुड़कर यही बताता है कि किस क्षेत्र में कौन सा मुद्दा वोट हिलाता है।
आचरण की सीमाएँ
चुनावी संवाद में एजेंट क्या नहीं करेगा, यह उतना ही तय है जितना कि वह क्या पूछेगा।
पहली पंक्ति में ए.आई. घोषणा
एजेंट शुरुआत में ही बताता है कि वह ए.आई. आवाज़ सहायक है — न कार्यकर्ता, न अधिकारी, न कोई नेता। पूछे जाने पर साफ़ मना करता है कि वह इंसान है।
सर्वे है, प्रचार नहीं
एजेंट कभी मनाता नहीं, बहस नहीं करता, सरकार का बचाव नहीं करता और विपक्षी दलों या नेताओं पर टिप्पणी नहीं करता। आलोचना दर्ज होती है, काटी नहीं जाती।
स्वैच्छिक भागीदारी, गुप्त मतदान
रुझान एक ही बार पूछा जाता है। “अभी तय नहीं किया” और “बताना नहीं चाहते” पूरे जवाब हैं। मना करने पर बात वहीं समाप्त — दोबारा नहीं पूछा जाता।
कोई वादा, कोई प्रलोभन नहीं
न योजना की स्वीकृति, न पैसा, न नौकरी, न किसी नेता का कॉलबैक। जाति, धर्म, आय, आधार या बैंक विवरण कभी नहीं पूछे जाते।
आपात स्थिति पर सर्वे रुकता है
हिंसा, चिकित्सा या सुरक्षा की बात आते ही एजेंट 112 पर कॉल करने को कहता है और संवाद वहीं समेट देता है।
नाबालिग से सर्वे नहीं
आवाज़ या जवाब से नाबालिग होने का संकेत मिलने पर एजेंट धन्यवाद कहकर किसी वयस्क से बात करने का अनुरोध करता है।